State guide
NREGA Uttarakhand Job Card List 2026 (उत्तराखंड नरेगा जॉब कार्ड)
Updated 13 September 2026 · 9 min read
In the hill districts of Uttarakhand this work supports terrace farming, water sources and village paths, in a state that has lost a striking number of villages to migration.
तुरंत lookup: Uttarakhand Job Card
13 districts · indicative wage ₹300/day
Open guide for these steps →Uttarakhand की indicative daily wage ₹300 है। अपने काम के दिनों के हिसाब से कुल मज़दूरी जानने के लिए हमारा NREGA Wage Calculator use करें, और देर से payment होने पर Delay Compensation Letter बनाएं।
Uttarakhand की Job Card List check करें
Uttarakhand की Job Card List उसी central portal पर है जैसी बाकी सभी states की। सिर्फ़ फ़र्क इतना है कि drop-down में आप अपना राज्य, ज़िला और panchayat चुनते हैं।
- Official MGNREGA reports खोलें और state में Uttarakhand चुनें।
- अपना district चुनें, फिर block।
- अपनी Gram Panchayat चुनें।
- Job Card register खोलें और Ctrl+F से अपने household का नाम ढूंढें।
Uttarakhand has what are locally called ghost villages, settlements left empty as families moved away for work. A state Rural Development and Migration Commission report put the count at over 1,700. For households that come back, this scheme is often the first livelihood available on the spot, and much of the work goes into reviving springs and water sources, since drying springs are one of the reasons families leave. Hill terrain also makes work seasonal, so check the works calendar for your block.
हर column का मतलब जानने के लिए, पूरी Job Card List guide देखें।
Wage Rate और Payment
Daily wage central government notify करती है। मौजूदा दरें 1 जुलाई 2026 से लागू हैं। Uttarakhand के लिए indicative rate करीब ₹300 per day है, लेकिन live figure हमेशा official portal पर confirm करें।
| Item | Where to check |
|---|---|
| Current daily wage | Wage rate notification on the official portal |
| Days of work credited | Your household record in the job card list |
| Payment to bank | Payment report or PFMS |
पैसे आपके account में आए या नहीं, यह जानने के लिए Payment Status guide follow करें।
ख़ाली होते गांव, और लौटने वालों के लिए पहला काम
Uttarakhand के पहाड़ी ज़िलों में ऐसे गांव हैं जिन्हें स्थानीय लोग भूतिया गांव कहते हैं, यानी जहां से परिवार काम की तलाश में चले गए और बस्ती ख़ाली रह गई। राज्य के ग्राम्य विकास और पलायन आयोग की एक रिपोर्ट ने इनकी गिनती 1,700 से ऊपर बताई थी।
जो परिवार लौटते हैं, उनके लिए अक्सर यही योजना गांव में ही मिलने वाली पहली कमाई होती है। अगर आप हाल में लौटे हैं और आपका job card पुराना है, तो panchayat में पूछिए कि record अब भी चालू है या नहीं।
सूखते झरनों को फिर से ज़िंदा करना
यहां बहुत सा काम पानी के पुराने स्रोतों को ठीक करने में जाता है, क्योंकि झरनों का सूखना ही उन वजहों में है जिनसे परिवार गांव छोड़ते हैं। साथ में सीढ़ीदार खेत और गांव के रास्ते भी इसी में आते हैं।
पहाड़ की वजह से काम मौसमी है। अपने block का works calendar देखिए, ताकि पता रहे कि किस महीने क्या खुलता है।
Uttarakhand के ज़िले (Districts)
Uttarakhand में कुल 13 ज़िले हैं। पोर्टल पर अपना ज़िला चुनने के बाद block और gram panchayat चुनने का तरीका ऊपर steps में दिया गया है। ज़िलों की current list official portal पर ज़रूर confirm करें, क्योंकि सीमाएं समय समय पर बदलती रहती हैं।
नरेगा उत्तराखंड: संक्षेप में
उत्तराखंड में नरेगा जॉब कार्ड लिस्ट देखने के लिए सरकारी पोर्टल पर जाएं, राज्य में उत्तराखंड चुनें, फिर अपना जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें। आपकी ग्राम पंचायत की पूरी जॉब कार्ड लिस्ट खुल जाएगी। नाम ढूंढने के लिए सर्च का उपयोग करें।
भुगतान की स्थिति जानने के लिए पेमेंट रिपोर्ट या पीएफएमएस का उपयोग करें। पूरी जानकारी ऊपर अंग्रेज़ी में दी गई है।
Uttarakhand FAQ
गांव से लोग चले गए थे, अब लौटने पर काम मिल सकता है?
हां, और यहां यही सबसे बड़ी ज़रूरत है। राज्य के Rural Development and Migration Commission की एक report में 1,700 से ज़्यादा ऐसे गांव गिने गए जो पलायन की वजह से खाली हो गए। लौटने वाले परिवारों के लिए अक्सर यही योजना गांव में मिलने वाला पहला रोज़गार होती है। अपनी gram panchayat में लिखित में काम की मांग दें और पावती लें।
पहाड़ में ज़्यादातर किस तरह का काम होता है?
बड़ा हिस्सा पानी से जुड़ा होता है, जैसे सूखते स्रोत और नौले धारे दोबारा जीवित करना, साथ ही सीढ़ीदार खेती और गांव के रास्तों का काम। पानी सूखना ही पलायन की एक बड़ी वजह रहा है, इसलिए यह काम सीधे उसी समस्या से जुड़ा है।
क्या काम पूरे साल मिलता है?
नहीं, पहाड़ी इलाकों में काम मौसम पर निर्भर रहता है। अपने block का works calendar देखकर पता करें कि कौन सा काम कब खुलता है, और उसी हिसाब से पहले मांग दे दें।
This page explains how to use official Uttarakhand MGNREGA services. Yojana Disha is independent and not connected to the state government. Use the official portal for live data.