Tool
Delay compensation letter banayein
अगर आपकी मज़दूरी तय समय से ज़्यादा देर से आ रही है तो आप मुआवज़ा मांग सकते हैं। नीचे details भरिए और तैयार letter copy करके panchayat में जमा कीजिए।
यह मांगना आपका हक़ है
कानून में यह व्यवस्था है कि काम पूरा होने के 15 दिन के अंदर मज़दूरी मिलनी चाहिए। 1 जुलाई 2026 से लागू VB-G RAM G में हफ़्ते के आधार पर भुगतान का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन 15 दिन की legal सीमा हटी नहीं है। उसके बाद देरी होने पर हर दिन के हिसाब से मुआवज़ा बनता है, और यह एहसान नहीं, अधिकार है।
असली दिक्कत यह है कि ज़्यादातर लोग शिकायत लिखित में दर्ज ही नहीं कराते। बिना लिखित शिकायत और तारीख़ के दावा आगे नहीं बढ़ता, इसलिए यह letter उसी काम के लिए है।
भरने से पहले यह तैयार रखें
- Job card number, जैसा card पर छपा है
- किन तारीख़ों में काम किया और कितने दिन
- Muster roll number, अगर report में मिल जाए
- बकाया रकम का अंदाज़ा, wage calculator से निकाल सकते हैं
- Payment report का screenshot या print, जिसमें status दिख रहा हो
किस क्रम से देना है
क्रम से चलना ज़रूरी है, क्योंकि सीधे ऊपर जाने पर अक्सर वापस नीचे भेज दिया जाता है और उसमें हफ़्ते निकल जाते हैं।
- पहले gram panchayat में rozgar sahayak को letter दें और पावती लें।
- बात न बने तो block स्तर पर Programme Officer या BDO के पास वही letter लेकर जाएं।
- फिर भी हल न हो तो MGNREGA helpline 1800-111-555 पर शिकायत दर्ज कराएं।
- हर कदम की तारीख़ और पावती अपने पास संभालकर रखें।
Letter जमा करते समय एक copy अपने पास रखें और उस पर panchayat की मुहर या हस्ताक्षर के साथ तारीख़ ज़रूर लिखवाएं। गिनती उसी तारीख़ से शुरू होती है, और बाद में यही कागज़ साबित करता है कि आपने कब शिकायत की थी।
देने के बाद क्या होता है
मुआवज़े की गणना देरी के दिनों और बकाया मज़दूरी पर होती है और यह record में अपने आप जुड़ना चाहिए। इसीलिए letter देने के बाद अपनी payment report देखते रहें, ताकि पता चले कि रकम आई या नहीं और FTO बना या नहीं। मौजूदा मुआवज़ा दर और गणना का तरीका अपने Programme Officer से confirm कर लें, क्योंकि इसमें बदलाव होते रहते हैं।
यह सिर्फ़ letter का draft बनाता है। यह सरकार को कुछ नहीं भेजता और न आपका record बदलता है, letter आपको खुद panchayat में देना होगा। पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क है। अगर कोई मुआवज़ा दिलाने के नाम पर commission मांगे तो यह गलत है, helpline 1800-111-555 पर शिकायत करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मज़दूरी कितने दिन में मिलनी चाहिए?
काम पूरा होने के 15 दिन के अंदर। VB-G RAM G के तहत हफ़्ते के आधार पर भुगतान का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन 15 दिन की legal समय-सीमा अब भी कायम है। उसके बाद देरी होने पर मुआवज़े का हक़ बनता है।
यह letter किसे देना है?
पहले अपनी gram panchayat में rozgar sahayak को, और बात न बने तो block स्तर पर Programme Officer या BDO को। एक copy अपने पास रखें और तारीख़ वाली पावती ज़रूर लें।
मुआवज़ा कितना मिलता है?
इसकी गणना देरी के दिनों और आपकी बकाया मज़दूरी पर होती है, और यह record में अपने आप जुड़ना चाहिए। हम यहां कोई दर नहीं लिख रहे, क्योंकि इसमें समय समय पर बदलाव होते हैं। मौजूदा दर और गणना का तरीका अपने rozgar sahayak या Programme Officer से confirm करें।
क्या letter देने से मेरा नाम कट सकता है?
नहीं। काम मांगना और देरी पर मुआवज़ा मांगना आपका कानूनी हक़ है, कोई शिकायत करने पर आपका job card रद्द नहीं होता। अगर कोई ऐसा डर दिखाए तो यह अपने आप में शिकायत करने लायक बात है।
पावती नहीं दे रहे तो क्या करें?
आवेदन लेना और पावती देना अनिवार्य है। न मिले तो वही application डाक से भेजकर रसीद संभाल लें, या Programme Officer तथा helpline पर लिखित शिकायत दर्ज कराएं। बिना तारीख़ के सबूत के दावा साबित करना मुश्किल हो जाता है।