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PMAY-G (Housing)

PMAY-G registration: how rural housing applications work

By Karan Sharma · Updated 25 August 2026 · 7 min read

PMAY-G कोई simple form भरने वाली scheme नहीं है। Households मुख्य रूप से official surveys से चुने जाते हैं और Gram Sabha approve करती है। यह समझना ही सबसे अच्छा तरीका है कि आपका परिवार सच में consider हो।

Quick answer

Awaas Plus survey में अपने household को Gram Panchayat के through cover करवाएं, Aadhaar और bank details ready रखें, और follow up करें ताकि नाम verified list तक पहुंचे।

नाम असल में जुड़ता कैसे है

सबसे पहले एक ग़लतफ़हमी दूर कर लें। PMAY-G में कोई ऐसा form नहीं है जिसे आप घर बैठे भरकर लाभार्थी बन जाएं। किसे घर मिलेगा, यह सूची सरकारी सर्वे के आंकड़ों से बनती है, उसकी जांच होती है, और फिर Gram Sabha खुली बैठक में उस पर मुहर लगाती है। यह तरीका इसीलिए रखा गया है ताकि सूची में हेरफेर मुश्किल हो।

इसका आपके लिए मतलब यह है कि आपका असली काम online form ढूंढ़ना नहीं, बल्कि यह पक्का करना है कि आपका परिवार ताज़ा सर्वे में दर्ज हो जाए और Gram Sabha की बैठक तक पहुंचे।

Awaas+ सर्वे क्या है

Awaas+ वही सर्वे है जिससे पात्र परिवारों की पहचान होती है। जब आपके इलाके में नया सर्वे चलता है, तो पहले छूट गए पात्र परिवार उसमें जुड़ सकते हैं। यह काम आमतौर पर स्थानीय कर्मचारी mobile app से करते हैं, और कहीं-कहीं खुद सर्वे करने का विकल्प भी दिया जाता है।

2024 में इस योजना को आगे बढ़ाने की मंज़ूरी मिलने के बाद Awaas+ सूची को नए मानकों के साथ अपडेट किया गया। अगर आप पहले छूट गए थे, तो यही अपडेटेड सर्वे आपके लिए दोबारा विचार का रास्ता है।

  1. Gram panchayat में जाकर पूछें कि आपके गांव में सर्वे चल रहा है या कब चलेगा।
  2. सर्वे करने वाले कर्मचारी आएं तो परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी और मौजूदा घर की हालत सही-सही दर्ज कराएं।
  3. दर्ज होने के बाद पूछें कि आपकी entry हुई या नहीं, और हो सके तो उसका कोई प्रमाण या पावती ले लें।
  4. कुछ दिन बाद panchayat में जाकर दोबारा पुष्टि करें कि आपका नाम सर्वे सूची में चढ़ा है।

Gram Sabha की भूमिका

सर्वे में नाम आ जाना आख़िरी क़दम नहीं है। सूची Gram Sabha की बैठक में रखी जाती है और वहीं मंज़ूर होती है। यह बैठक खुली होती है और उसमें अपनी बात रखने का हक हर वयस्क को है, इसके लिए किसी की अनुमति नहीं चाहिए।

  • बैठक की तारीख panchayat के notice board पर लगती है, पहले से पूछकर पता कर लें।
  • बैठक में जाकर देखें कि सूची में आपका नाम है या नहीं।
  • नाम न हो तो वहीं आपत्ति दर्ज कराएं, यही सबसे सही जगह और सबसे सही समय है।

कुछ शर्तें ऐसी हैं जो परिवार को बाहर कर देती हैं

इस योजना में कुछ तय शर्तें हैं जिनके होने पर परिवार को बाहर माना जाता है, जैसे परिवार में सरकारी नौकरी होना, आयकर देना, या तय सीमा से ऊपर की ज़मीन, वाहन या उपकरण होना। 2024 के विस्तार के साथ इनमें से कुछ शर्तें ढीली की गई थीं, जिससे पहले बाहर रह गए कुछ परिवार दोबारा पात्र हो गए।

हम यहां इन शर्तों के सटीक आंकड़े नहीं दे रहे, क्योंकि ये समय-समय पर बदलती हैं और गलत संख्या आपका नुक़सान कर सकती है। मौजूदा और सही सूची अपनी gram panchayat से या official portal से देखें। अगर आपको पहले किसी शर्त के कारण बाहर किया गया था, तो यह ज़रूर पूछें कि वह शर्त अब भी वैसी ही है या बदल चुकी है।

कौन से कागज़ तैयार रखें

  • परिवार के सदस्यों का Aadhaar।
  • लाभार्थी के नाम का बैंक खाता, जो Aadhaar से जुड़ा हो, क्योंकि पैसा इसी में आता है।
  • Job card, अगर है, क्योंकि घर बनाने के मज़दूरी वाले दिन उसी पर दर्ज होते हैं।
  • मौजूदा घर की स्थिति से जुड़ा कोई प्रमाण, अगर मांगा जाए।
  • पहले कभी आपत्ति या शिकायत दी हो तो उसकी पावती।
सतर्क रहें

सर्वे में दर्ज होने या सूची में नाम जुड़ने का कोई शुल्क नहीं है। कोई भी व्यक्ति पैसे लेकर नाम नहीं जुड़वा सकता, क्योंकि सूची Gram Sabha में मंज़ूर होती है। कोई पैसे मांगे तो उसे कुछ न दें और panchayat या block office में शिकायत करें।

आगे कैसे follow up करें

एक बार जानकारी दर्ज करा देने के बाद चुप बैठ जाना सबसे बड़ी गलती है। हर कुछ हफ़्ते में एक बार पूछते रहना ही सबसे असरदार तरीका है, और इसमें कोई खर्च नहीं है।

  1. Gram panchayat में जाकर पूछें कि आपका परिवार ताज़ा सर्वे में दर्ज है या नहीं।
  2. अगर दर्ज है, तो पूछें कि verification किस चरण पर है और अगला क़दम क्या है।
  3. Gram Sabha की अगली बैठक की तारीख पूछकर लिख लें और उसमें ज़रूर जाएं।
  4. आपको लगे कि गलत तरीके से छोड़ दिया गया है तो आपत्ति और अपील की प्रक्रिया के बारे में पूछें, यह इस योजना में उपलब्ध है।
  5. जो भी जवाब मिले उसे तारीख के साथ लिखकर रख लें, आगे बात करने में यह बहुत काम आता है।

नाम आ जाने के बाद क्या होता है

सूची में नाम आना और घर मंज़ूर होना दो अलग चीज़ें हैं। मंज़ूरी के बाद सहायता राशि किश्तों में सीधे बैंक खाते में आती है, जैसे-जैसे घर तय चरणों तक पहुंचता है। साथ में घर बनाने के लिए MGNREGA के तहत 90 से 95 दिन की unskilled मज़दूरी का प्रावधान है, जो आपके job card पर दर्ज होती है, और शौचालय के लिए 12,000 रुपये की अलग मदद Swachh Bharat Mission Gramin या MGNREGS से जुड़ती है। ये तीनों चीज़ें अक्सर लोगों को पता ही नहीं होतीं, इसलिए panchayat से इनके बारे में ज़रूर पूछें।

हिंदी में

पीएमएवाई-जी में कोई ऐसा फॉर्म नहीं है जिसे घर बैठे भरकर लाभार्थी बना जा सके। नाम सर्वे के आंकड़ों से तय होते हैं और ग्राम सभा की खुली बैठक में मंज़ूर होते हैं। इसलिए आपका असली काम यह है कि आपका परिवार ताज़ा आवास प्लस सर्वे में दर्ज हो जाए।

आधार, आधार से जुड़ा बैंक खाता और जॉब कार्ड तैयार रखें। सर्वे कर्मचारी आएं तो परिवार और मौजूदा घर की हालत सही-सही दर्ज कराएं, और बाद में पंचायत जाकर पुष्टि कर लें कि नाम चढ़ा या नहीं।

ग्राम सभा की बैठक की तारीख पूछकर ज़रूर जाएं, नाम न हो तो वहीं आपत्ति दर्ज कराएं। गलत तरीके से छूट जाने पर आपत्ति और अपील की प्रक्रिया मौजूद है। सर्वे में दर्ज होने या नाम जुड़ने का कोई शुल्क नहीं है, कोई पैसे मांगे तो शिकायत करें।

Frequently asked questions

क्या मैं PMAY-G के लिए खुद online registration कर सकता हूं?

आमतौर पर नहीं। चयन सरकारी सर्वे से होता है और Gram Sabha उसे मंज़ूर करती है। आपका काम यह पक्का करना है कि आपका परिवार ताज़ा Awaas+ सर्वे में दर्ज हो, और यह gram panchayat के ज़रिए होता है।

कौन से कागज़ चाहिए?

परिवार के सदस्यों का Aadhaar, लाभार्थी के नाम का Aadhaar से जुड़ा बैंक खाता, और job card अगर हो। मौजूदा घर की स्थिति का कोई प्रमाण भी मांगा जा सकता है।

मुझे सूची से छोड़ दिया गया, क्या अपील कर सकता हूं?

हां। इस योजना में आपत्ति और अपील की प्रक्रिया है। सबसे सही जगह Gram Sabha की बैठक है, वहीं आपत्ति दर्ज कराएं। उसके बाद panchayat से पूछें कि आगे किस दफ़्तर में जाना है।

किन कारणों से परिवार बाहर हो जाता है?

जैसे परिवार में सरकारी नौकरी होना, आयकर देना, या तय सीमा से ऊपर की ज़मीन, वाहन या उपकरण होना। 2024 में कुछ शर्तें ढीली की गई थीं। सटीक और मौजूदा शर्तें panchayat या official portal से देखें, हम यहां कोई संख्या नहीं दे रहे क्योंकि ये बदलती रहती हैं।

सर्वे में नाम आ गया तो घर पक्का मिल जाएगा?

नाम आना और घर मंज़ूर होना दो अलग चरण हैं। सर्वे के बाद जांच होती है और Gram Sabha मंज़ूरी देती है, उसके बाद मंज़ूरी का चरण आता है। इसलिए हर चरण पर panchayat से पूछते रहना ज़रूरी है।

नाम जुड़वाने के कितने पैसे लगते हैं?

एक रुपया भी नहीं। सर्वे में दर्ज होना और सूची में नाम आना दोनों नि:शुल्क हैं। कोई पैसे लेकर नाम जुड़वाने का दावा करे तो यह धोखा है, क्योंकि सूची Gram Sabha में मंज़ूर होती है।

This guide explains how to use the official government service. Yojana Disha is not affiliated with the Ministry of Rural Development. Always rely on nrega.dord.gov.in (formerly nrega.nic.in) for official data.