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PMAY-G (Housing)

PMAY-G beneficiary list: how to check your name online

By Karan Sharma · Updated 25 August 2026 · 7 min read

अगर आपको PMAY-G के लिए consider किया गया है, तो आपका नाम आपकी Gram Panchayat की beneficiary list में होना चाहिए। यह list आप free में online check कर सकते हैं। यहां देखें नाम कैसे ढूंढें और न मिले तो क्या करें।

Quick answer

Official portal पर PMAY-G reports खोलें, अपना State, District, Block और panchayat चुनें, और beneficiary list खोलें। नाम या registration number search करें।

Beneficiary list कैसे देखें

  1. PMAY-G का official portal pmayg.nic.in खोलें और reports या beneficiary वाला हिस्सा चुनें।
  2. साल चुनें, फिर अपना state, district, block और gram panchayat।
  3. अपनी panchayat की beneficiary list खोलें।
  4. Computer पर Ctrl+F दबाकर अपना नाम या registration number टाइप करें, आपकी पंक्ति मिल जाएगी।
Registration number से ढूंढ़ना बेहतर है

अगर record में आपके नाम की spelling थोड़ी अलग दर्ज है तो नाम से खोजने पर वह नहीं मिलेगा। Registration number से खोजने पर यह दिक्कत नहीं आती, इसलिए हो सके तो उसी से ढूंढ़ें।

कौन सी सूची देख रहे हैं, यह पहले साफ़ कर लें

लोग सबसे ज़्यादा यहीं उलझते हैं। PMAY-G में एक नहीं, कई तरह की सूचियां होती हैं और तीनों का मतलब अलग है। किसी एक में नाम न मिलने का यह मतलब नहीं कि आप बाहर हो गए।

सूचीइसमें कौन होता हैइसका मतलब
Awaas+ सर्वे सूचीवे परिवार जिनकी जानकारी सर्वे में दर्ज हुईयह पहला चरण है, इसमें नाम होने का मतलब घर मंज़ूर होना नहीं
मंज़ूर लाभार्थियों की सूचीजिनका घर स्वीकृत हो चुका हैयहां नाम आने पर किश्तें शुरू होती हैं
पूरे हुए घरों की सूचीजिनका घर बन चुका हैयह आख़िरी चरण है

इसलिए panchayat में पूछते समय यह साफ़ पूछें कि आपका नाम किस चरण तक पहुंचा है। इससे जवाब भी साफ़ मिलता है और बेकार का चक्कर नहीं लगता।

सूची में क्या-क्या दिखता है

  • आपका नाम और registration number।
  • घर की मंज़ूरी की स्थिति।
  • अब तक कौन-कौन सी किश्तें जारी हुईं।
  • निर्माण किस चरण पर दर्ज है।

नाम न मिले तो

नाम न मिलना अपने आप में यह नहीं बताता कि आप पात्र नहीं हैं। इसकी गिनी-चुनी वजहें होती हैं, और लगभग हमेशा इन्हीं में से कोई एक निकलती है।

  • आपका परिवार उस सर्वे में दर्ज ही नहीं था जिससे यह सूची बनी है।
  • जानकारी दर्ज तो हुई पर verification अभी बाकी है।
  • आप गलत साल या गलत block और panchayat की सूची खोलकर देख रहे हैं।
  • record में नाम की spelling अलग है, इसलिए नाम से खोजने पर नहीं मिल रहा।
  • आप मंज़ूर लाभार्थियों की सूची देख रहे हैं जबकि आपका नाम अभी सर्वे वाले चरण पर है।
  1. पहले साल, block और panchayat दोबारा जांचें, और registration number से खोजकर देखें।
  2. फिर gram panchayat जाकर पूछें कि आप ताज़ा Awaas+ सर्वे में दर्ज हैं या नहीं।
  3. दर्ज हैं तो पूछें कि verification किस चरण पर है।
  4. दर्ज नहीं हैं तो पूछें कि अगला सर्वे कब है और नाम कैसे जुड़ेगा।
  5. लगे कि गलत तरीके से छोड़ा गया है तो Gram Sabha की बैठक में आपत्ति दर्ज कराएं।
सूची कहां से आती है

पोर्टल पर आप जो beneficiary list देखते हैं वह AwaasSoft से आती है, जो इस योजना का सरकारी monitoring system है। पात्र परिवारों की पहचान Awaas+ सर्वे से होती है और उस पर Gram Sabha की मुहर लगती है। यानी नाम जुड़ने की जगह portal नहीं, आपकी gram panchayat है। कोई भी व्यक्ति पैसे लेकर नाम नहीं जुड़वा सकता, यह सेवा नि:शुल्क है।

अगर आपके पास job card भी है

PMAY Gramin ki kistein charno ke hisaab se: ghar manzoor hone par pehli, neenv aur lintal par beech ki, aur chhat padne par aakhri kist. Har charan ki pushti geo-tag wali tasveer se AwaasSoft mein darj hoti hai.
Suchi mein naam aane ke baad paisa isi tarah charno mein aata hai.

PMAY-G का घर मंज़ूर होने पर आपको उसे बनाने के लिए MGNREGA के तहत 90 से 95 दिन की unskilled मज़दूरी दिए जाने का प्रावधान है। यह अलग सूची में नहीं, आपके उसी job card पर दर्ज होती है। इसलिए housing list में नाम आने के बाद अपनी job card वाली हाज़िरी और payment report भी देखते रहें, क्योंकि दोनों साथ चलते हैं।

इसके अलावा शौचालय के लिए 12,000 रुपये की अतिरिक्त मदद Swachh Bharat Mission Gramin या MGNREGS से जोड़कर दी जाती है। सूची में नाम आ जाने के बाद panchayat से इन दोनों चीज़ों के बारे में ज़रूर पूछें, क्योंकि ये अपने आप नहीं मिलतीं और बहुत से लोगों को इनका पता ही नहीं चलता।

हिंदी में

पीएमएवाई-जी लाभार्थी सूची देखने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर जाएं, साल, राज्य, ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें और सूची खोलें। नाम की जगह रजिस्ट्रेशन नंबर से खोजना ज़्यादा भरोसेमंद रहता है, क्योंकि रिकॉर्ड में वर्तनी अलग हो सकती है।

ध्यान रखें कि इस योजना में एक नहीं, कई सूचियां होती हैं। सर्वे वाली सूची, मंज़ूर लाभार्थियों की सूची और पूरे हुए घरों की सूची तीनों अलग हैं। किसी एक में नाम न मिलने का मतलब यह नहीं कि आप बाहर हो गए।

नाम न मिलने पर पहले साल, ब्लॉक और पंचायत दोबारा जांचें, फिर ग्राम पंचायत में जाकर पूछें कि आप ताज़ा सर्वे में दर्ज हैं या नहीं। गलत तरीके से छूटने पर ग्राम सभा की बैठक में आपत्ति दर्ज कराएं। सूची देखना और नाम जुड़वाना दोनों नि:शुल्क हैं।

Frequently asked questions

क्या PMAY-G सूची देखना free है?

हां। Official portal पर beneficiary list देखना बिल्कुल नि:शुल्क है। कोई इसे दिखाने के पैसे मांगे तो यह गलत है।

मेरा नाम सूची में नहीं है, अब क्या करूं?

पहले साल, block और panchayat दोबारा जांचें और registration number से खोजकर देखें। फिर gram panchayat में पूछें कि आप ताज़ा Awaas+ सर्वे में दर्ज हैं या नहीं और verification किस चरण पर है।

क्या registration number से खोज सकते हैं?

हां, और यही सबसे भरोसेमंद तरीका है। record में नाम की spelling अलग होने पर नाम से खोजने पर record नहीं मिलता, पर number से मिल जाता है।

यह सूची किस system से आती है?

AwaasSoft से, जो PMAY-G का सरकारी monitoring system है। इसी में मंज़ूरी, किश्तें और निर्माण की प्रगति दर्ज होती है, और पोर्टल पर दिखने वाली beneficiary list तथा status वहीं से आते हैं।

सर्वे सूची और लाभार्थी सूची में क्या फ़र्क है?

Awaas+ सर्वे सूची में वे परिवार होते हैं जिनकी जानकारी सर्वे में दर्ज हुई, जबकि लाभार्थी सूची में वे होते हैं जिनका घर मंज़ूर हो चुका है। सर्वे में नाम होने का मतलब घर मंज़ूर होना नहीं, यह पहला चरण है।

सूची में नाम आ गया, अब आगे क्या मिलेगा?

मंज़ूरी के बाद सहायता राशि किश्तों में बैंक खाते में आती है। साथ ही घर बनाने के लिए MGNREGA के तहत 90 से 95 दिन की मज़दूरी का प्रावधान है और शौचालय के लिए 12,000 रुपये की अलग मदद जुड़ती है। panchayat से इन दोनों के बारे में ज़रूर पूछें।

This guide explains how to use the official government service. Yojana Disha is not affiliated with the Ministry of Rural Development. Always rely on nrega.dord.gov.in (formerly nrega.nic.in) for official data.